तुम नहीं आए/You Did Not Come

You did not come, I came. You were the dancer, I sang. Then it was late, got big night. Keep on remembering, have not forgotten. Sleep had came, it was a voice- Open eyes, said,

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You did not come, I came. You were the dancer, I sang. Then it was late, got big night. Keep on remembering, have not forgotten. Sleep had came, it was a voice- Open eyes, said,

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आठ मार्च /Eighth March

The birth of the beginning, the power of the present – Women of the world, it is important to have importance. Beautiful coincidence to celebrate the occasion, To make today important, the public is presented.

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The birth of the beginning, the power of the present – Women of the world, it is important to have importance. Beautiful coincidence to celebrate the occasion, To make today important, the public is presented.

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वह पागल/That Crazy

वह पागल नहीं है। वह बीमार है, वह कमजोर है, वह लाचार है। वह भूल गया है, उसे याद भी है, उसका सुख-दुख भी है, उसका भी परिवार है। वह रोता है, वह ठहाका लगाता

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वह पागल नहीं है। वह बीमार है, वह कमजोर है, वह लाचार है। वह भूल गया है, उसे याद भी है, उसका सुख-दुख भी है, उसका भी परिवार है। वह रोता है, वह ठहाका लगाता

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चिन्तन में/In Contemplation

Sleep doesn’t come overnight, The baby was weeping in the neighborhood. Mother was awake- Pleasure was away. The night was going through difficulties- With a different face, All together- Deeply absorbed in sleep. The clock

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Sleep doesn’t come overnight, The baby was weeping in the neighborhood. Mother was awake- Pleasure was away. The night was going through difficulties- With a different face, All together- Deeply absorbed in sleep. The clock

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एक चर्चा /A Discussion

The day would have passed, Regrets will remain. Find not found, Not found, The addition will be staying. Become forgotten, The night was, Thing been sleeping, Mind him of- Feint will be staying. Some discounts

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The day would have passed, Regrets will remain. Find not found, Not found, The addition will be staying. Become forgotten, The night was, Thing been sleeping, Mind him of- Feint will be staying. Some discounts

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सुगंध आया

व्यतीत हो चुका है- रात्रि का प्रथम प्रहर, नयनों में नींद का आगमन। पवन ने रुख बदले, रजनीगंधा का सुगंध आया- सुगंधित हो उठा वातावरण। उत्पत्ति देश मैक्सिको की, विश्व के चुनिन्दा देशों में- भारत

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व्यतीत हो चुका है- रात्रि का प्रथम प्रहर, नयनों में नींद का आगमन। पवन ने रुख बदले, रजनीगंधा का सुगंध आया- सुगंधित हो उठा वातावरण। उत्पत्ति देश मैक्सिको की, विश्व के चुनिन्दा देशों में- भारत

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वाह्य व अन्तर

आवश्यक है संगीत सुन्दर हो, पुलकित मन का अन्तर हो। कोलाहल तो आक्रान्त करता है, झूमे धरती गूँजता अम्बर हो। #गयशिर

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आवश्यक है संगीत सुन्दर हो, पुलकित मन का अन्तर हो। कोलाहल तो आक्रान्त करता है, झूमे धरती गूँजता अम्बर हो। #गयशिर

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अच्छा संयोग

घास की आड़ में- जड़ में दीवार के, शिकारी छुपा था, करने को शिकार। बिलांग भर ऊपर, शिकार का घर, बाहर थे बड़े, बच्चे ताक-झांक में, मग्न थे- खेल में, ख़तरों से अन्जान। संयोग अच्छा-

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घास की आड़ में- जड़ में दीवार के, शिकारी छुपा था, करने को शिकार। बिलांग भर ऊपर, शिकार का घर, बाहर थे बड़े, बच्चे ताक-झांक में, मग्न थे- खेल में, ख़तरों से अन्जान। संयोग अच्छा-

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Some Lines:04,मानव की पूजा

मानव धर्म से बड़ा, न धर्म कोई दूजा। मानवों की सेवा मानव की है, सबसे बड़ी पूजा। पुरस्कृत करती सभी को, दण्डित भी करती है प्रकृति, दण्ड भुगतना पड़ता है, राजा हो या हो प्रजा।

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मानव धर्म से बड़ा, न धर्म कोई दूजा। मानवों की सेवा मानव की है, सबसे बड़ी पूजा। पुरस्कृत करती सभी को, दण्डित भी करती है प्रकृति, दण्ड भुगतना पड़ता है, राजा हो या हो प्रजा।

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Some Lines:03,अंधेरा-उजाला

दया का पात्र, कोई भी हो सकता है। अंधेरा के कारण ही, उजाला दिखता है। पूरा कोई अधुरा, कोई दोनों से भी कम, सामर्थ्यवान किसी का भी, सहायक बन सकता है। “””गयशिर”””

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दया का पात्र, कोई भी हो सकता है। अंधेरा के कारण ही, उजाला दिखता है। पूरा कोई अधुरा, कोई दोनों से भी कम, सामर्थ्यवान किसी का भी, सहायक बन सकता है। “””गयशिर”””

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Some Lines:01पत्थरों की भीड़

बढ़ रही भीड़, बेजान पत्थरों की। विकास की ख़ातिर, हत्या पेड़ों की। टूट रहे पर्वत, उजड़ रही हरियाली। ख़तरे में सल्तनत, जंगली शेरों की।।

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बढ़ रही भीड़, बेजान पत्थरों की। विकास की ख़ातिर, हत्या पेड़ों की। टूट रहे पर्वत, उजड़ रही हरियाली। ख़तरे में सल्तनत, जंगली शेरों की।।

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