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Thought #08 : Daze

ज़िन्दगी कभी थकान भर देती है ,

बदहाल और परेशान कर देती है ,

आसानी से यक़ीन नहीं होता ,

ख़ुशियों से वीरान भर देती है ।

Translation :

Life makes tiredness ,

Makes sad and shock ,

Not easily belief ,

Gives happiness to desert .

© gayshir 2018

1 thought on “Thought #08 : Daze”

  1. जिंदगी है कभी रुलाती है कभी हंसाती है।
    आशा और उम्मीद है तो मंजिल भी दिलाती है।

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