artpens

सभी का संसार

Back Pic:Self Clicked

बेरस को कौन पूछता है?

फेमस की चर्चा होती है।

पूजा होती है प्रसिद्ध की,

सिद्ध की परीक्षा होती है।

महत्वपूर्ण है भीड़ में भी-

झूठ-सच की लड़ाई हो रही,

अछूता नहीं कोई अन्तरद्वन्द से।

शांति नहीं एकांत में भी।

कोई नहीं निर्जीव शिला का,

साथी नहीं सामर्थहीन का,

कल ही नहीं आज भी प्राय:-

परन्तु ये संसार सभी का।

॥:॥गयशिर॥:॥

2 thoughts on “सभी का संसार”

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: