poem

अच्छा संयोग

घास की आड़ में-

जड़ में दीवार के,

शिकारी छुपा था,

करने को शिकार।

बिलांग भर ऊपर,

शिकार का घर,

बाहर थे बड़े,

बच्चे ताक-झांक में,

मग्न थे-

खेल में,

ख़तरों से अन्जान।

संयोग अच्छा-

ईंट का असंतुलित टुकड़ा,

गिरा ज़मीन पे-

अन्य टुकड़े के सर पर,

आवाज़ हुई,

अन्दर दुबक गए बच्चे,

घबरा कर-

शिकारी भाग गया,

साथ गई आफ़त।

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