पहले और अब

Share this…FacebookPinterestTwitterLinkedin दो दिन पहले कोहरा था, जाड़े का असर गहरा था, सुबह धुन्धली, दोपहर बाद साफ़- गर्मी पढ़ रहा ककहरा था । रास्तों पे उड़ रहे धूल- सूखने लगे हैं कोमल फूल, कांटे होने

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