प्रेम है/Love is

Love as many, The eternal is beginning of a, From God open- The holy and novel. Advertisements

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एक चर्चा /A Discussion

The day would have passed, Regrets will remain. Find not found, Not found, The addition will be staying. Become forgotten, The night was, Thing been sleeping, Mind him of- Feint will be staying. Some discounts

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The day would have passed, Regrets will remain. Find not found, Not found, The addition will be staying. Become forgotten, The night was, Thing been sleeping, Mind him of- Feint will be staying. Some discounts

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सुगंध आया

व्यतीत हो चुका है- रात्रि का प्रथम प्रहर, नयनों में नींद का आगमन। पवन ने रुख बदले, रजनीगंधा का सुगंध आया- सुगंधित हो उठा वातावरण। उत्पत्ति देश मैक्सिको की, विश्व के चुनिन्दा देशों में- भारत

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व्यतीत हो चुका है- रात्रि का प्रथम प्रहर, नयनों में नींद का आगमन। पवन ने रुख बदले, रजनीगंधा का सुगंध आया- सुगंधित हो उठा वातावरण। उत्पत्ति देश मैक्सिको की, विश्व के चुनिन्दा देशों में- भारत

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वाह्य व अन्तर

आवश्यक है संगीत सुन्दर हो, पुलकित मन का अन्तर हो। कोलाहल तो आक्रान्त करता है, झूमे धरती गूँजता अम्बर हो। #गयशिर

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आवश्यक है संगीत सुन्दर हो, पुलकित मन का अन्तर हो। कोलाहल तो आक्रान्त करता है, झूमे धरती गूँजता अम्बर हो। #गयशिर

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अच्छा संयोग

घास की आड़ में- जड़ में दीवार के, शिकारी छुपा था, करने को शिकार। बिलांग भर ऊपर, शिकार का घर, बाहर थे बड़े, बच्चे ताक-झांक में, मग्न थे- खेल में, ख़तरों से अन्जान। संयोग अच्छा-

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घास की आड़ में- जड़ में दीवार के, शिकारी छुपा था, करने को शिकार। बिलांग भर ऊपर, शिकार का घर, बाहर थे बड़े, बच्चे ताक-झांक में, मग्न थे- खेल में, ख़तरों से अन्जान। संयोग अच्छा-

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Some Lines:04,मानव की पूजा

मानव धर्म से बड़ा, न धर्म कोई दूजा। मानवों की सेवा मानव की है, सबसे बड़ी पूजा। पुरस्कृत करती सभी को, दण्डित भी करती है प्रकृति, दण्ड भुगतना पड़ता है, राजा हो या हो प्रजा।

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मानव धर्म से बड़ा, न धर्म कोई दूजा। मानवों की सेवा मानव की है, सबसे बड़ी पूजा। पुरस्कृत करती सभी को, दण्डित भी करती है प्रकृति, दण्ड भुगतना पड़ता है, राजा हो या हो प्रजा।

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Some Lines:03,अंधेरा-उजाला

दया का पात्र, कोई भी हो सकता है। अंधेरा के कारण ही, उजाला दिखता है। पूरा कोई अधुरा, कोई दोनों से भी कम, सामर्थ्यवान किसी का भी, सहायक बन सकता है। “””गयशिर”””

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दया का पात्र, कोई भी हो सकता है। अंधेरा के कारण ही, उजाला दिखता है। पूरा कोई अधुरा, कोई दोनों से भी कम, सामर्थ्यवान किसी का भी, सहायक बन सकता है। “””गयशिर”””

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Some Lines:01पत्थरों की भीड़

बढ़ रही भीड़, बेजान पत्थरों की। विकास की ख़ातिर, हत्या पेड़ों की। टूट रहे पर्वत, उजड़ रही हरियाली। ख़तरे में सल्तनत, जंगली शेरों की।।

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बढ़ रही भीड़, बेजान पत्थरों की। विकास की ख़ातिर, हत्या पेड़ों की। टूट रहे पर्वत, उजड़ रही हरियाली। ख़तरे में सल्तनत, जंगली शेरों की।।

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काला कुत्ता रास्ता काटा

क्या बताउँ उस दिन? क्या हो गया साथ? याद नहीं कुछ देर की, शेष सभी स्मरण साथ – दुपहिया वाहन और चौड़ी सड़क – जैसे नया काला कपड़ा कड़क, लेकिन थी विभाजक/डिवाइडर बिन । एक

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क्या बताउँ उस दिन? क्या हो गया साथ? याद नहीं कुछ देर की, शेष सभी स्मरण साथ – दुपहिया वाहन और चौड़ी सड़क – जैसे नया काला कपड़ा कड़क, लेकिन थी विभाजक/डिवाइडर बिन । एक

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पहले और अब

दो दिन पहले कोहरा था, जाड़े का असर गहरा था, सुबह धुन्धली, दोपहर बाद साफ़- गर्मी पढ़ रहा ककहरा था । रास्तों पे उड़ रहे धूल- सूखने लगे हैं कोमल फूल, कांटे होने लगे हैं

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दो दिन पहले कोहरा था, जाड़े का असर गहरा था, सुबह धुन्धली, दोपहर बाद साफ़- गर्मी पढ़ रहा ककहरा था । रास्तों पे उड़ रहे धूल- सूखने लगे हैं कोमल फूल, कांटे होने लगे हैं

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