artpens

खिड़की से

सीमित परन्तु दुनियाँ दिखती है,

राह चलता इनसान दिखता है।

बेचने ख़रीदने वालों के भाव-

बिका हुआ सामान दिखता है।

हवा नहीं, आती है दवा भी-

कुम्हलाहट से उबरने की।

अवसर मिलती है ताज़गी को,

होकर दिल से गुज़रने की।

आने वाले मौसम का अनुमान,

जो बीत चुका उसका परिणाम।

दिखता है आवाज़ का चेहरा,

मिलता है शरीर को आराम।

:- गयशिर

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